Sunday, January 15, 2017

कुपोषित भविष्य

ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार उभरती हुई 76 अर्थव्यवस्थाओं मे भारत की 55वीं रैंक है| रिपोर्ट के अनुसार हिंदुस्तान मे 19.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं |जो दुनिया की कुल भूखी आबादी की लगभग एक चौथाई है|विशेषकर देश के बिमारू (बिहार, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश) कहे जाने वाले राज्य इसके प्रत्यक्ष  उदाहरण हैं| देश मे अनाज की बर्बादी का आलम इस कदर है कि वर्ष 2010-11और 2014-15 के बीच भारतीय खाद्य निगम के गोदामों मे 56,374 टन अनाज बर्बाद हो गया| जबकि इतने अनाज की जरूरत 300,000 भारतीयों को एक वर्ष मे होती है| ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार 2028 तक भारत की अनुमानित आबादी 145 अरब होगी| अगर भंडारण के स्तर मे सुधार और भोजन की उचित व्यवस्था नही की गई तो देश को कुपोषण का केंद्र बनते देर नही लगेगी| जो देश के गहराते संकट को दर्शाता है|
                                      - छात्र प्रेम कुमार

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