Sunday, January 15, 2017

विचारों से परे, ऐतिहासिक कदम

माननीय प्रधानमंत्री जी ने भारतीय मुद्रा के पाँच सौ व एक हजार के नोट के चलन में फेरबदल कर बहुत ही उचित, न्यायिक व जनहित का निर्णय लिया है | इस सरकार द्वारा यह एक अद्भुद व अनूठी पहल है| इससे न सिर्फ काले धन पर शिकंजा कसेगा अपितु समाज में भ्रष्टाचार रहित पारदर्शिता भी स्थापित हो सकेगी | साथ ही उन तमाम भ्रष्ट नेताओं पर भी गाज गिरी है जिन्होंने करोड़ों, अरबों की संपत्ति को कालेधन के रूप में छिपा रखा है | सरकार को गरमागरम में ये भी नकेल कुछ दिनों के लिए लगा देनी चाहिए कि कोई भी एक निश्चित सीमा के ऊपर मँहगी धातु नहीं खरीद सकता, इसका फायदा इस प्रकार होगा कि स्वर्णकारो, व्यापारी आदि के हाँथों कोई भी अपना कालाधन बैंक तक नहीं भेजेगा बल्कि वह स्वयं वहाँ उपस्थित होगा |
          मुद्राओं का रूप बदलने के साथ साथ जनता व सरकार को विशेष रूप से सावधान होने की जरूरत है क्योंकि कुछ अवसरवादी इसे अवसर का रूप समझ कर जनता को गुमराह करने के लिए बाजार में नकली नोट यह कहकर उतार सकते हैं कि "ये नहीं ये वाला है असली नोट |" शुरुआती दौर में बैंकों आदि में विशेष सुरक्षा व निगरानी होनी चाहिए|
         भले ही ये पहल कालेधन पर पूर्णतय: अंकुश न लगा पाए पर कुछ कारगर होगी | अत: मोदी जी का ये कदम अत्यन्त सराहनीय व सम्माननीय है, उन्हें हर एक आम आदमी की तरफ से हार्दिक बधाई.....|
                                    प्रेम कुमार
                       छात्र का.हि.वि.वि. वाराणसी

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